मम माता — निबन्धः

Essay on My Mother in Sanskrit

A simple Sanskrit essay on 'My Mother' (मम माता) with its Hindi meaning, a 10-line exam version, the words explained, and classical lines that honour the mother.

Essay on My Mother in Sanskrit, with Hindi meaning

Sanskrit (संस्कृतम्)

मम मातुः नाम श्रीमती सीता अस्ति। सा एका गृहिणी अस्ति। सा प्रातः सर्वेभ्यः पूर्वम् उत्तिष्ठति। सा ईश्वरस्य पूजां करोति। सा अस्मभ्यं स्वादु भोजनं पचति। सा गृहस्य सर्वाणि कार्याणि करोति। सा मम गृहकार्ये साहाय्यं करोति। सा सदा मधुरं वदति। यदा अहं रुग्णः भवामि, तदा सा मम सेवां करोति। सा अस्मान् सदाचारं शिक्षयति। माता बालकस्य प्रथमः गुरुः भवति। अहं मम मातरि बहु स्निह्यामि।

हिन्दी अर्थ

मेरी माताजी का नाम श्रीमती सीता है। वे एक गृहिणी हैं। वे सुबह सबसे पहले उठती हैं। वे ईश्वर की पूजा करती हैं। वे हमारे लिए स्वादिष्ट भोजन बनाती हैं। वे घर के सारे काम करती हैं। वे गृहकार्य में मेरी सहायता करती हैं। वे हमेशा मीठा बोलती हैं। जब मैं बीमार होता हूँ, तब वे मेरी सेवा करती हैं। वे हमें सदाचार सिखाती हैं। माँ बच्चे की पहली गुरु होती है। मैं अपनी माँ से बहुत प्रेम करता हूँ।

10 lines on my mother in Sanskrit

Short, numbered lines — easy to learn for exams.

Sanskrit (संस्कृतम्)

1. मम माता अतीव स्नेहमयी अस्ति।
2. सा प्रातः शीघ्रम् उत्तिष्ठति।
3. सा ईश्वरस्य पूजां करोति।
4. सा स्वादु भोजनं पचति।
5. सा गृहस्य सर्वाणि कार्याणि करोति।
6. सा मम पठने साहाय्यं करोति।
7. सा सदा मधुरं वदति।
8. सा अस्मान् सदाचारं शिक्षयति।
9. माता प्रथमः गुरुः अस्ति।
10. अहं मम मातरि बहु स्निह्यामि।

हिन्दी अर्थ

1. मेरी माँ बहुत स्नेहमयी हैं।
2. वे सुबह जल्दी उठती हैं।
3. वे ईश्वर की पूजा करती हैं।
4. वे स्वादिष्ट भोजन बनाती हैं।
5. वे घर के सारे काम करती हैं।
6. वे मेरी पढ़ाई में सहायता करती हैं।
7. वे हमेशा मीठा बोलती हैं।
8. वे हमें सदाचार सिखाती हैं।
9. माँ पहली गुरु है।
10. मैं अपनी माँ से बहुत प्रेम करता हूँ।

Words used in this essay

SanskritHindiEnglish
मातामाता, माँmother
मातुःमाता काof mother
गृहिणीगृहिणीhomemaker
सर्वेभ्यः पूर्वम्सबसे पहलेbefore everyone
स्वादुस्वादिष्टtasty
पचतिपकाती हैcooks
रुग्णःबीमारill
सेवासेवाcare, service
सदाचारःसदाचारgood conduct
स्नेहमयीस्नेहमयीloving
मातरि स्निह्यामिमाँ से प्रेम करता हूँI love (my) mother

Classical lines on the mother

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।

"Mother and motherland are greater even than heaven." A widely quoted line, traditionally associated with the Ramayana. Pair it with मातृदेवो भव ("treat your mother as God", Taittiriya Upanishad 1.11) to open or close the essay.

Grammar note: why मातरि स्निह्यामि?

The verb स्निह् ("to love, feel affection") takes the person loved in the सप्तमी (locative) case, so "I love my mother" is अहं मम मातरि स्निह्यामि, literally "I feel affection in my mother". See Karak for more such rules.

Frequently asked questions

What is mother called in Sanskrit?

माता (mātā), from the stem मातृ. Other words: जननी, अम्बा, जनयित्री.

How do you say 'I love my mother' in Sanskrit?

अहं मम मातरि स्निह्यामि — the verb स्निह् takes the locative case.

What is a good Sanskrit quote for an essay on mother?

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी — 'Mother and motherland are greater than heaven.'