धातुरूपाणि
Sanskrit Dhatu Roop
Full dhatu roop tables for the verbs students learn first — पठ्, भू and गम् in all five school lakaras, नी, and the atmanepada verb सेव् — with the patterns that make the endings easy to recognise.
What is dhatu roop?
धातुरूपम् is the set of forms a verb root (धातु) takes. Each form shows three things at once: the tense or mood (लकार), the person (पुरुष — third, second, first) and the number (वचन — singular, dual, plural). So every lakara gives a 3 × 3 table of nine forms. The subject decides the form: सः पठति, त्वं पठसि, अहं पठामि.
Verbs are either परस्मैपद (endings -ति, -तः, -न्ति…) or आत्मनेपद (endings -ते, -इते, -न्ते…). Most beginner verbs are parasmaipada; सेव्, लभ् and वृत् are common atmanepada verbs. What each lakara means is explained on the Lakar page.
Note the order: Sanskrit tables list प्रथमपुरुष (he/she/it) first and उत्तमपुरुष (I/we) last — the reverse of English.
पठ् (पढ़ना — to read), परस्मैपद
लट् लकार (present)
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | पठति | पठतः | पठन्ति |
| मध्यमपुरुषः | पठसि | पठथः | पठथ |
| उत्तमपुरुषः | पठामि | पठावः | पठामः |
लृट् लकार (future)
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | पठिष्यति | पठिष्यतः | पठिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | पठिष्यसि | पठिष्यथः | पठिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | पठिष्यामि | पठिष्यावः | पठिष्यामः |
लङ् लकार (past)
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | अपठत् | अपठताम् | अपठन् |
| मध्यमपुरुषः | अपठः | अपठतम् | अपठत |
| उत्तमपुरुषः | अपठम् | अपठाव | अपठाम |
लोट् लकार (command)
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | पठतु | पठताम् | पठन्तु |
| मध्यमपुरुषः | पठ | पठतम् | पठत |
| उत्तमपुरुषः | पठानि | पठाव | पठाम |
विधिलिङ् लकार (should)
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | पठेत् | पठेताम् | पठेयुः |
| मध्यमपुरुषः | पठेः | पठेतम् | पठेत |
| उत्तमपुरुषः | पठेयम् | पठेव | पठेम |
भू (होना — to be, become), परस्मैपद
लट् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | भवति | भवतः | भवन्ति |
| मध्यमपुरुषः | भवसि | भवथः | भवथ |
| उत्तमपुरुषः | भवामि | भवावः | भवामः |
लृट् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | भविष्यति | भविष्यतः | भविष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | भविष्यसि | भविष्यथः | भविष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | भविष्यामि | भविष्यावः | भविष्यामः |
लङ् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | अभवत् | अभवताम् | अभवन् |
| मध्यमपुरुषः | अभवः | अभवतम् | अभवत |
| उत्तमपुरुषः | अभवम् | अभवाव | अभवाम |
लोट् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | भवतु | भवताम् | भवन्तु |
| मध्यमपुरुषः | भव | भवतम् | भवत |
| उत्तमपुरुषः | भवानि | भवाव | भवाम |
विधिलिङ् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | भवेत् | भवेताम् | भवेयुः |
| मध्यमपुरुषः | भवेः | भवेतम् | भवेत |
| उत्तमपुरुषः | भवेयम् | भवेव | भवेम |
गम् (जाना — to go), परस्मैपद
लट् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | गच्छति | गच्छतः | गच्छन्ति |
| मध्यमपुरुषः | गच्छसि | गच्छथः | गच्छथ |
| उत्तमपुरुषः | गच्छामि | गच्छावः | गच्छामः |
लृट् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | गमिष्यति | गमिष्यतः | गमिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | गमिष्यसि | गमिष्यथः | गमिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | गमिष्यामि | गमिष्यावः | गमिष्यामः |
लङ् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | अगच्छत् | अगच्छताम् | अगच्छन् |
| मध्यमपुरुषः | अगच्छः | अगच्छतम् | अगच्छत |
| उत्तमपुरुषः | अगच्छम् | अगच्छाव | अगच्छाम |
लोट् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | गच्छतु | गच्छताम् | गच्छन्तु |
| मध्यमपुरुषः | गच्छ | गच्छतम् | गच्छत |
| उत्तमपुरुषः | गच्छानि | गच्छाव | गच्छाम |
विधिलिङ् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | गच्छेत् | गच्छेताम् | गच्छेयुः |
| मध्यमपुरुषः | गच्छेः | गच्छेतम् | गच्छेत |
| उत्तमपुरुषः | गच्छेयम् | गच्छेव | गच्छेम |
नी (ले जाना — to lead, take), परस्मैपद
लट् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | नयति | नयतः | नयन्ति |
| मध्यमपुरुषः | नयसि | नयथः | नयथ |
| उत्तमपुरुषः | नयामि | नयावः | नयामः |
लृट् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | नेष्यति | नेष्यतः | नेष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | नेष्यसि | नेष्यथः | नेष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | नेष्यामि | नेष्यावः | नेष्यामः |
लङ् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | अनयत् | अनयताम् | अनयन् |
| मध्यमपुरुषः | अनयः | अनयतम् | अनयत |
| उत्तमपुरुषः | अनयम् | अनयाव | अनयाम |
सेव् (सेवा करना — to serve), आत्मनेपद
लट् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | सेवते | सेवेते | सेवन्ते |
| मध्यमपुरुषः | सेवसे | सेवेथे | सेवध्वे |
| उत्तमपुरुषः | सेवे | सेवावहे | सेवामहे |
लृट् लकार
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | सेविष्यते | सेविष्येते | सेविष्यन्ते |
| मध्यमपुरुषः | सेविष्यसे | सेविष्येथे | सेविष्यध्वे |
| उत्तमपुरुषः | सेविष्ये | सेविष्यावहे | सेविष्यामहे |
Spot the pattern
- लट् endings: -ति -तः -न्ति / -सि -थः -थ / -आमि -आवः -आमः.
- लृट् adds -स्य / -इष्य before the लट् endings: पठ् → पठिष्यति, नी → नेष्यति.
- लङ् adds अ- at the front (the augment): अपठत्, अभवत्, अगच्छत्.
- लोट् second person singular is the bare stem: पठ!, भव!, गच्छ! — the commands you hear most.
- विधिलिङ् has -ए- throughout: पठेत्, भवेत्, गच्छेत्.
Frequently asked questions
What is the dhatu roop of पठ् in लट् लकार?
पठति पठतः पठन्ति; पठसि पठथः पठथ; पठामि पठावः पठामः.
What is the dhatu roop of नी?
In लट्: नयति नयतः नयन्ति; नयसि नयथः नयथ; नयामि नयावः नयामः. In लृट्: नेष्यति नेष्यतः नेष्यन्ति…
What is the dhatu roop of सेव्?
सेव् is atmanepada. लट्: सेवते सेवेते सेवन्ते; सेवसे सेवेथे सेवध्वे; सेवे सेवावहे सेवामहे.
What is the difference between parasmaipada and atmanepada?
They are two sets of verb endings. Parasmaipada uses -ति, -न्ति (पठति); atmanepada uses -ते, -न्ते (सेवते). Each verb root traditionally takes one set, some take both.