शब्दरूपाणि
Sanskrit Shabd Roop
Complete shabd roop tables for the six model nouns students learn first — बालक, लता, फल, मुनि, नदी and गुरु — plus the pronouns अस्मद् (I) and युष्मद् (you), with tricks that make the 24 forms easier to remember.
What is shabd roop?
शब्दरूपम् is the full set of forms a noun takes — 7 vibhaktis plus sambodhana, each in singular, dual and plural: 24 forms for every noun. Nouns that end in the same sound and share a gender change in the same way, so learning one model word (बालक, लता, फल…) lets you decline thousands of others: राम, देव, छात्र and वृक्ष follow बालक; रमा, विद्या and बालिका follow लता; पुस्तक, मित्र and जल follow फल.
What each vibhakti means is explained on the Vibhakti chart, and the roles behind them on the Karak page. Here are the tables themselves.
Noun declensions (शब्दरूपाणि)
बालक (अकारान्त पुंलिङ्ग)
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमा | बालकः | बालकौ | बालकाः |
| द्वितीया | बालकम् | बालकौ | बालकान् |
| तृतीया | बालकेन | बालकाभ्याम् | बालकैः |
| चतुर्थी | बालकाय | बालकाभ्याम् | बालकेभ्यः |
| पञ्चमी | बालकात् | बालकाभ्याम् | बालकेभ्यः |
| षष्ठी | बालकस्य | बालकयोः | बालकानाम् |
| सप्तमी | बालके | बालकयोः | बालकेषु |
| सम्बोधनम् | हे बालक! | हे बालकौ! | हे बालकाः! |
लता (आकारान्त स्त्रीलिङ्ग)
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमा | लता | लते | लताः |
| द्वितीया | लताम् | लते | लताः |
| तृतीया | लतया | लताभ्याम् | लताभिः |
| चतुर्थी | लतायै | लताभ्याम् | लताभ्यः |
| पञ्चमी | लतायाः | लताभ्याम् | लताभ्यः |
| षष्ठी | लतायाः | लतयोः | लतानाम् |
| सप्तमी | लतायाम् | लतयोः | लतासु |
| सम्बोधनम् | हे लते! | हे लते! | हे लताः! |
फल (अकारान्त नपुंसकलिङ्ग)
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमा | फलम् | फले | फलानि |
| द्वितीया | फलम् | फले | फलानि |
| तृतीया | फलेन | फलाभ्याम् | फलैः |
| चतुर्थी | फलाय | फलाभ्याम् | फलेभ्यः |
| पञ्चमी | फलात् | फलाभ्याम् | फलेभ्यः |
| षष्ठी | फलस्य | फलयोः | फलानाम् |
| सप्तमी | फले | फलयोः | फलेषु |
| सम्बोधनम् | हे फल! | हे फले! | हे फलानि! |
मुनि (इकारान्त पुंलिङ्ग)
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमा | मुनिः | मुनी | मुनयः |
| द्वितीया | मुनिम् | मुनी | मुनीन् |
| तृतीया | मुनिना | मुनिभ्याम् | मुनिभिः |
| चतुर्थी | मुनये | मुनिभ्याम् | मुनिभ्यः |
| पञ्चमी | मुनेः | मुनिभ्याम् | मुनिभ्यः |
| षष्ठी | मुनेः | मुन्योः | मुनीनाम् |
| सप्तमी | मुनौ | मुन्योः | मुनिषु |
| सम्बोधनम् | हे मुने! | हे मुनी! | हे मुनयः! |
नदी (ईकारान्त स्त्रीलिङ्ग)
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमा | नदी | नद्यौ | नद्यः |
| द्वितीया | नदीम् | नद्यौ | नदीः |
| तृतीया | नद्या | नदीभ्याम् | नदीभिः |
| चतुर्थी | नद्यै | नदीभ्याम् | नदीभ्यः |
| पञ्चमी | नद्याः | नदीभ्याम् | नदीभ्यः |
| षष्ठी | नद्याः | नद्योः | नदीनाम् |
| सप्तमी | नद्याम् | नद्योः | नदीषु |
| सम्बोधनम् | हे नदि! | हे नद्यौ! | हे नद्यः! |
गुरु (उकारान्त पुंलिङ्ग)
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमा | गुरुः | गुरू | गुरवः |
| द्वितीया | गुरुम् | गुरू | गुरून् |
| तृतीया | गुरुणा | गुरुभ्याम् | गुरुभिः |
| चतुर्थी | गुरवे | गुरुभ्याम् | गुरुभ्यः |
| पञ्चमी | गुरोः | गुरुभ्याम् | गुरुभ्यः |
| षष्ठी | गुरोः | गुर्वोः | गुरूणाम् |
| सप्तमी | गुरौ | गुर्वोः | गुरुषु |
| सम्बोधनम् | हे गुरो! | हे गुरू! | हे गुरवः! |
Pronoun forms: अस्मद् and युष्मद्
"I" and "you" are the same in all three genders. Shorter optional forms (मे, नः, ते, वः…) also exist but are not used at the start of a sentence.
अस्मद् (मैं — I)
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमा | अहम् | आवाम् | वयम् |
| द्वितीया | माम् | आवाम् | अस्मान् |
| तृतीया | मया | आवाभ्याम् | अस्माभिः |
| चतुर्थी | मह्यम् | आवाभ्याम् | अस्मभ्यम् |
| पञ्चमी | मत् | आवाभ्याम् | अस्मत् |
| षष्ठी | मम | आवयोः | अस्माकम् |
| सप्तमी | मयि | आवयोः | अस्मासु |
युष्मद् (तुम — you)
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमा | त्वम् | युवाम् | यूयम् |
| द्वितीया | त्वाम् | युवाम् | युष्मान् |
| तृतीया | त्वया | युवाभ्याम् | युष्माभिः |
| चतुर्थी | तुभ्यम् | युवाभ्याम् | युष्मभ्यम् |
| पञ्चमी | त्वत् | युवाभ्याम् | युष्मत् |
| षष्ठी | तव | युवयोः | युष्माकम् |
| सप्तमी | त्वयि | युवयोः | युष्मासु |
Tricks to remember shabd roop
- Dual is easy: only three dual forms per noun — one for प्रथमा/द्वितीया/सम्बोधन, one for तृतीया/चतुर्थी/पञ्चमी (always -भ्याम्), one for षष्ठी/सप्तमी (always -ोः).
- चतुर्थी and पञ्चमी plural are always the same (बालकेभ्यः, लताभ्यः, फलेभ्यः).
- Neuter differs from masculine only in the first two cases — compare फलम्/फलानि with बालकः/बालकाः; from तृतीया onward फल and बालक match.
- षष्ठी plural ends in -नाम् for all of these model words: बालकानाम्, लतानाम्, नदीनाम्, गुरूणाम् (न becomes ण after र).
Frequently asked questions
What is the shabd roop of बालक?
प्रथमा: बालकः बालकौ बालकाः; द्वितीया: बालकम् बालकौ बालकान्; तृतीया: बालकेन बालकाभ्याम् बालकैः … — the full table is above.
What is the shabd roop of लता?
प्रथमा: लता लते लताः; द्वितीया: लताम् लते लताः; तृतीया: लतया लताभ्याम् लताभिः … — see the full table above.
How many forms does a Sanskrit noun have?
24: eight vibhaktis (including sambodhana) × three numbers.
Which words are declined like बालक?
Masculine nouns ending in -अ, such as राम, देव, छात्र, वृक्ष, सूर्य and नृप.