गौः — निबन्धः
Essay on Cow in Sanskrit
A simple Sanskrit essay on the cow (गौः) with its Hindi meaning, a 10-line exam version, the words explained, and the full declension of the irregular word गो.
Essay on Cow in Sanskrit, with Hindi meaning
गौः एकः उपयोगी पशुः अस्ति। गोः चत्वारः पादाः, द्वे शृङ्गे, द्वे नेत्रे, द्वौ कर्णौ, एकं पुच्छं च भवन्ति। गौः तृणं खादति जलं च पिबति। सा अस्मभ्यं मधुरं दुग्धं ददाति। दुग्धात् दधि, तक्रं, नवनीतं, घृतं च भवन्ति। गोदुग्धं बालकेभ्यः वृद्धेभ्यः च बहु लाभप्रदम् अस्ति। गोमयम् इन्धनरूपेण उर्वरकरूपेण च उपयुज्यते। वृषभाः क्षेत्राणि कर्षन्ति। भारते गौः माता इति मन्यते। हिन्दवः गां पूजयन्ति। गोपाष्टम्यां गवां विशेषपूजा भवति। अस्माभिः गवां रक्षा करणीया।
गाय एक उपयोगी पशु है। गाय के चार पैर, दो सींग, दो आँखें, दो कान और एक पूँछ होती है। गाय घास खाती है और पानी पीती है। वह हमें मीठा दूध देती है। दूध से दही, छाछ, मक्खन और घी बनते हैं। गाय का दूध बच्चों और बूढ़ों के लिए बहुत लाभदायक है। गोबर का उपयोग ईंधन और खाद के रूप में होता है। बैल खेत जोतते हैं। भारत में गाय को माता माना जाता है। हिन्दू गाय की पूजा करते हैं। गोपाष्टमी पर गायों की विशेष पूजा होती है। हमें गायों की रक्षा करनी चाहिए।
10 lines on cow in Sanskrit
Short, numbered lines — easy to learn for exams.
1. गौः एकः उपयोगी पशुः अस्ति।
2. तस्याः चत्वारः पादाः भवन्ति।
3. तस्याः द्वे शृङ्गे स्तः।
4. गौः तृणं खादति।
5. सा मधुरं दुग्धं ददाति।
6. दुग्धात् दधि घृतं च भवतः।
7. गोदुग्धं बालकेभ्यः लाभप्रदम् अस्ति।
8. भारते गौः माता इति मन्यते।
9. वयं गां पूजयामः।
10. अस्माभिः गवां रक्षा करणीया।
1. गाय एक उपयोगी पशु है।
2. उसके चार पैर होते हैं।
3. उसके दो सींग हैं।
4. गाय घास खाती है।
5. वह मीठा दूध देती है।
6. दूध से दही और घी बनते हैं।
7. गाय का दूध बच्चों के लिए लाभदायक है।
8. भारत में गाय को माता माना जाता है।
9. हम गाय की पूजा करते हैं।
10. हमें गायों की रक्षा करनी चाहिए।
Words used in this essay
| Sanskrit | Hindi | English |
| गौः / धेनुः | गाय | cow |
| वृषभः | बैल | bull, ox |
| वत्सः | बछड़ा | calf |
| तृणम् | घास | grass |
| शृङ्गम् | सींग | horn |
| पुच्छम् | पूँछ | tail |
| दुग्धम् | दूध | milk |
| दधि | दही | curd |
| तक्रम् | छाछ | buttermilk |
| नवनीतम् | मक्खन | butter |
| घृतम् | घी | ghee |
| गोमयम् | गोबर | cow dung |
| उर्वरकम् | खाद | fertiliser |
| करणीया | करनी चाहिए | should be done |
The forms of गो — learn these for the exam
गो ("cow") is one of the few irregular nouns every Sanskrit student meets early. The most-asked forms are गाम् (accusative: वयं गां पूजयामः) and गवाम् (genitive plural: गवां रक्षा).
| Case (विभक्ति) | Singular | Plural |
| प्रथमा | गौः | गावः |
| द्वितीया | गाम् | गाः |
| तृतीया | गवा | गोभिः |
| चतुर्थी | गवे | गोभ्यः |
| पञ्चमी | गोः | गोभ्यः |
| षष्ठी | गोः | गवाम् |
| सप्तमी | गवि | गोषु |
| सम्बोधनम् | हे गौः | हे गावः |
A classical line
गावो विश्वस्य मातरः।
"Cows are the mothers of the world" — a line from the Mahabharata (Anushasana Parva), often used to open or close this essay.
Frequently asked questions
What is cow called in Sanskrit?
गौः (gauḥ), from the stem गो. Another common word is धेनुः (dhenuḥ), especially for a milk-giving cow.
What is the accusative of गो?
गाम् (singular) and गाः (plural) — as in वयं गां पूजयामः, 'we worship the cow'.
Write 5 lines on cow in Sanskrit.
गौः एकः उपयोगी पशुः अस्ति। सा तृणं खादति। सा मधुरं दुग्धं ददाति। भारते गौः माता इति मन्यते। अस्माभिः गवां रक्षा करणीया।